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घड़ी का आविष्कार किसने किया – Ghadi ka avishkar kisne kiya

Who Invented Watch (Ghadi) in Hindi

घड़ी  के बारे में पूरी जानकारी हिंदी – घड़ी एक बहोत ही महत्वपूर्ण आविष्कार जो की हमारे रोजाना के काम काज में काम आती है. दिन की शुरवात से लेकर रात तक हर पल घड़ी व समय का बहोत महत्व है. घड़ी का आविष्कार मानव जाती के लिए एक वरदान है. जीवन का वहन करने के लिए घड़ी एक विषेस वास्तु है.

घडी के अविष्कार से पहले समय (Time) का पता लगाना बहोत मुश्किल था, समय का पता लगाने के लिए हमे बहोत मेहनत करनी पड़ती थी और फिर भी हमे सही समय का पता नहीं चला था. पुराने ज़माने में लोग समय का पता लगाने के लिए भोत सी चीजों का इस्तमाल करते थे, इस लेख में हम आपको वो सभी जानकारी देंगे.

आज हम आपको घड़ी के बारे में बहोत सी जानकारी दंगे जैसे की घड़ी का आविष्कार किसने किया, घड़ी के आविष्कार से पहले समय कैसे देखा जाता था. घड़ी क्या होती है और हम घड़ी का इस्तमाल क्यू करते है.

घड़ी का आविष्कार किसने किया
पुराने ज़माने की घड़ी

घड़ी का आविष्कार किसने किया (Ghadi ka avishkar kisne kiya)

घड़ी का आविष्कारक क्रिस्टियान ह्यूजेंस ने किया. उन्होंने गणितीय सूत्र निर्धारित किया जो समय-समय पर पेंडुलम की लंबाई (लगभग 99.4 सेमी या 39.1 इंच एक सेकंड की गति के लिए) से संबंधित था और पहली पेंडुलम चालित घड़ी बनाई थी.

घड़ी क्या है या घड़ी किसे कहते है (Ghadi kya hai)

घड़ी एक वस्तु है जो समय दर्शाती है. घड़ी में जैसे की एक दिन में कुल 24 घंटे का समय होता है, एक घंटे में कुल 60 मिनिट होते, एक मिनिट में कुल 60 सेकंड होता है. घडी में अक्सर तीन काटे होते है. हर काटे का अलग अलग काम है, एक काटा घंटे का होता है, दूसरा काटा मिनिट का होता है और तीसरा काटा सेकंड का होता है.

प्राचीन काल में समय का पता कैसा लगाया जाता था ?

प्राचीन काल में समय का पता लगाने के लिए मनुष्य ने सूरज के विभिन्न अवस्थाओं के आधार पर समय का विभाजन किया था. प्राचीन काल में सही समय का पता लगाने की लिए लोग शंकुयंत्र और धूपघड़ियों का इस्तमाल करते थे और रात के समय चाँद का उपयोग किया जाता था, चाँद को तारो तथा नक्षत्रों के साथ रखकर समय का पता लगाया जाता था.

घडी का इतिहास (Ghadi ka etihas)

  • वैसे तो खडियो का इतिहास बहोत पुराना है, लेकिन घडी की सुरुवात 16 वि शताब्ती से हुई ऐसा माना जाता है और 15 वि शताब्ती से घडियो पर अविष्कार होना शुरू हुआ था.
  • 16 वि शताब्ती में नूर्नबर्ग और ऑग्सबर्ग जो की जर्मनी के दो शहर है यहां पर पहली पहने जाने वाली घडी का अविष्कार हुआ था.
    ऐसा माना जाता है की घडी का अविष्कार पीटर फिलिप्पे द्वारा 15 से 16 वि शताब्ती के बिच में किया गया था
  • 17 वि शताब्ती से घडियो में बहोत ही तेजी से बदलाव होने लगा, हाथ में पहनने की वजाय जेब में रखने लगे, इसी सदी से लड़कियों के लिए भी घडी का अविष्कार किया गया था.
  • 1800 से लेकर 1884 में भारी मात्रा में घडियो का उत्पादन जो की हर जगह बेचीं गई
  • 1950 में पहली बार इलेक्ट्रॉनिक घडी का अविष्कार हुआ था और यह सुरुवात थी
  • लगभग 2010 के आस पास स्मार्टवॉच का अविष्कार किया गया यह घडी सिथे आपके मोबाइल फ़ोन से जुडी होती है.
  • 21 वि सदी आप सभी जानते ही है की घडी हमारे जीवन का एक बहोत महत्वपूर्ण हिंसा है.

घडियो के 10 अनसुने रोचक तथ्य

1. “हैप्पी टाइम” यह शब्द घड़ी विक्रेताओं द्वारा उपयोग कीया जाने वाला एक मार्केटिंग शब्द है, घड़ियाँ हमेशा 10 बजकर 10 मिनट या दो बजे तक का समय दिखाने के लिए सेट की जाती हैं ताकि ऐसा लगे कि यह मुस्कुरा रही है, जिससे खरीदारों को अच्छा महसूस होता है.

2. सबसे प्रसिद्ध पॉकेट घडी में किंग हेनरी VIII का चित्र था.

3. वैसे तो १५ वीं शताब्दी से घड़ीयो की शुरुआत हुई थी, और उस सदी से घड़ियों में बहोत विकस हुआ है. यह एक छोटा सर्पिल धातु जो की पोर्टेबल घड़ियों को बनाने में मदद करता है और सामान्य घड़ियों को पॉकेट घड़ियों में बदलने में सहायता करता होता है.

4. कलाई घड़ी अविश्वसनीय रूप से महत्वपूर्ण और लोकप्रिय हो गई क्योंकि यह छोटी और बहोत ही खूबसूरत होती है. घडिया कलाई पर पहनी जाती है, हाथ को हिलाए बिना समय की जांच करना आसान होता है. जबकि महिलाओं ने शुरुआत में फैशन के लिए कलाई घड़ी पहना शुरू किया था.

5. अमेरिकी और रूसी दोनों अंतरिक्ष यात्रियों ने अपने अंतरिक्ष मिशन पर ओमेगा स्पीडमास्टर घड़ि को पहना था, जिस के बाद यह घड़ी अंतरिक्ष यात्रियों के पहली पसंद बन गई.

6. घड़ियाँ कई रंगों में आती हैं, लेकिन सबसे अधिक इस्तेमाल की जाने वाली और उपहार में दी जाने वाली घड़ी का रंग काला है.

7. पॉकेट घडी बहोत ही ज्यादा बिकने वाली घडी है क्यों की इसे पहनकर अमीरो जैसा लगता है और ये आम घडियो से महंगी होती है.

8. क्या आप जानते है कलाई पर पहने जाने वाली घड़ी मूल रूप से महिलाओं के लिए बनाई गई थी.

9. दुनिया की सबसे महंगी घडी 2017 में खरीदी गई थी, जिसकी कीमत $17.8 मिलियन थी और नाम रोलेक्स डेटोना था.

10. क्या आप जानते है महंगी घड़ियाँ हमेशा बेहतर नहीं होती हैं.

11. Ghadi ko sanskrit mein Ghatika kahate hain.

अक्सर पूछे जाने वाले प्रशन

1. घड़ी में टाइम कैसे देखते हैं?
घडी में समय देखने के लिए सबसे पहले आपको घडी में जो तीन काटे होते है उसके बारे में जानना होगा, सबसे बड़ा काटा मिनट का होता है उससे छोटा काटा घंटे का होता है और सबसे पतला और थोड़ा छोटा काटा सेकेंड का होता है. बड़ा काटा जेहा होता है समझो उतना बजा है और मिनट काटा जेहा है समझो उतना मिनिट है. घडी के हर नंबर के बिच में 5 मिनिट का अंतर होता है.

मिनिट के कटे के लिए समझे जैसे अगर काटा 1 पर है तो 5 मिनिट हुआ है, 2 पर है तो 10 मिनिट हुआ है, वैसे ही 3 पर 15 मिनिट, 4 पर 20 मिनिट, 5 पर 30 वैसे ही 9 पर 45 और 11 पर 55.

उदाहरण – बड़ा काटा 1 पर है और मिनिट कटा 2 पर है तो समझो 1 बजकर 10 मिनिट हुआ है.

2. घड़ी कौन सी दिशा में शुभ होती है / घड़ी किस दिशा में लगानी चाहिए?
घड़ी का हर दिया में अपना एक महत्व है, अगर आप घड़ी बच्चे के रूम में लगा रहे है तो उसे पश्चिम की दिशा में लगाय, अगर आपके परिवार में समय की दिक्कत है तो आप घडी को दक्षिण- पश्चिम की दिशा में लगाय, अगर आपको पैसे की कमी है तो घडी को उत्तरी दिशा में लगाय और घडी का रंग नीला होना चाहिए, अगर आप विदेश की यात्रा करना चाहते है तो घडी को उत्तर पश्चिम की दिशा पर लगाय, दक्षिण की दिशा में घडी वो लागय जीने जींवन में बहोत उन्नति करनी है जो की फ्लिम लाइम से जुड़े हुए है.

3. घड़ी से क्या लाभ मिलता है?
घड़ी से हमे समय का पता चलता है और सारे काम समय पर हो जाते है, बिना घडी के कोई भी काम समय पर नहीं हो सकता है और बिना घडी के जीवन अस्त व्यस्त हो सकता है. समय से हुई हर चीज जीवन भर सुख देती है.

4. बंद घड़ी घर में रखने से क्या होता है?
बंद घड़ी घर पर रखना अशुभ मन जाता है, इसके पीछे का कारण यह है की हम सबको जीवन में कोई न कोई काम होता है और हर काम का एक समय होता है. समय पर किया हुआ काम अच्छा होता है और अगर वो काम समय पर ना हो तो काम बिगड़ जाता है. अगर घडी बंद हो तो हमे समय का पता ही नहीं चलता है.

5.घड़ी को संस्कृत में क्या कहते हैं (ghadi ko sanskrit mein kya kahate hain)
घड़ी (Ghadi) को संस्कृत में घटिका कहते हैं.

 

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