स्वास्थ्य

थायराइड के लक्षण और घरेलू उपचार – Thyroid ke Lakshan aur Upchar

Thyroid Symptoms and Home Remedies in Hindi

थायराइड के लक्षण और पूरी जानकारी – थायराइड बीमारी जो की मुख्यःतह खान-पान के कारण होती है. थायराइड की बीमारी ज्यादतर महिलाओ में देखि जा सकती है और पुरुषो में ये बीमारी बहोत कम देखि गई है. थायराइड बीमारी को पहचानना मुश्किल होता है क्यू की यह बीमारी आसानी से पकड़ में नहीं आती है और दिखाई भी नहीं देती है. आयुर्वेद में थायराइड बीमारी के बहोत सारे रामबाण इलाज है और वे सभी इलाज कारगर है.

आयुर्वेद के अनुसार थायराइड बीमारी वात, पित्त व कफ के कारण होती है. यह एक ज्यादा गंभीर रोग नहीं है इसका इलाज बहोत ही आसानी से हो जाता है अगर इसे सुरुवाती दौर में पकड़ लिया जाये तो.

हमारे शरीर में थायराइड की ग्रंथि कुछ तितली के आकर की होती है , यह ग्रंथि हमारे गर्दन के अंदर और कॉलरबोन के ऊपर स्थित होती है. यह ग्रंथि एक प्रकार की एडोक्राइन ग्रंथि है जो की हमारे शरीर में हार्मोन बनाने का ख़म करती है.

क्या आप थायराइड बीमारी के बारे में जानकारी ढूंढ रहे है और थायराइड के लक्षण के बारे में भी जानना चाहते है तो आप बिलकुल सही जगह पर ये जानकारी पढ़ रहे है. आज हम आपको वो सभी जानकारी एक ही जगह पर देंगे.

थायरॉइड की बीमारी क्या है (Thyroid kya hai)

थायराइड ग्रंथि एक छोटा अंग है जो गर्दन के सामने स्थित होता है, जो श्वासनली के चारों ओर लिपटा होता है. यह तितली के आकार जैसे  होती है, बीच में छोटी होती है, जिसके दो चौड़े पंख होते हैं जो आपके गले के चारों ओर फैले होते हैं. थायराइड एक ग्रंथि है. आपके पूरे शरीर में ग्रंथियां होती हैं, जहां वे ऐसे पदार्थ बनाती हैं और छोड़ती हैं जो आपके शरीर को एक विशिष्ट कार्य करने में मदद करती हैं. आपका थायराइड हार्मोन बनाता है जो आपके शरीर के कई महत्वपूर्ण कार्यों को नियंत्रित करने में मदद करता है.

जब आपका थायरॉयड ठीक से काम नहीं करता है, तो यह आपके पूरे शरीर को प्रभावित कर सकता है. यदि आपका शरीर बहुत अधिक थायराइड हार्मोन बनाता है, तो आप हाइपरथायरायडिज्म नामक स्थिति विकसित कर सकते हैं. यदि आपका शरीर बहुत कम थायराइड हार्मोन बनाता है, तो इसे हाइपोथायरायडिज्म कहा जाता है. दोनों स्थितियां गंभीर हैं और आपके स्वास्थ्य सेवा प्रदाता द्वारा इलाज की आवश्यकता है.

थायराइड बीमारी के प्रकार (Thyroid ke prakar)

मानव शरीर में थायराइड बीमारी के दो मुख्य प्रकार होते है, इस दोनो  ही प्राकर के थायराइड का बड़े ही सासनी से इलाज हो सकता है.

1. हाइपरथायरायडिज्म (Hyperthyroidism)

जब थायराइड ग्रंथि बहुत अधिक T4 और T3 हार्मोन का उत्पादन करती है, तो स्थिति को हाइपरथायरायडिज्म कहा जाता है.

2. हाइपोथायरायडिज्म (Hypothyroidism)

जब थायराइड ग्रंथि T4 और T3 हार्मोन का बहुत कम उत्पादन करती है, तो स्थिति को हाइपोथायरायडिज्म कहा जाता है.

इसके अलावा बहोत से कारण हो सकते है कि थायराइड ग्रंथि थायराइड हार्मोन का बहुत अधिक या बहुत कम उत्पादन क्यों कर रहा है.

थायराइड के लक्षण – Thyroid ke lakshan Hindi

Thyroid दो प्रकार का होता है तो चलिए दोनों थायराइड के लक्षण जान लेते है.

हाइपरथायरायडिज्म (Hyperthyroidism) से होने वाले रोग और उसके लक्षण – Thyroid ke lakshan

1. ग्रेव्स रोग (Grave’s Disease)

ग्रेव्स रोग एक ऑटोइम्यून डिसऑर्डर है जहां शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली एंटीबॉडी बनाती है जो थायराइड ग्रंथि को बहुत अधिक हार्मोन का उत्पादन करने के लिए प्रेरित करती है. प्रतिरक्षा प्रणाली थायराइड उत्तेजक इम्युनोग्लोबुलिन (टीएसआई) नामक एंटीबॉडी बनाती है जो खुद को थायरॉयड कोशिकाओं से जोड़ती है, जिससे थायराइड हार्मोन का अधिक उत्पादन होता है.

कब्र रोग (Grave’s Disease) के लक्षण और लक्षण

  • वजन घटना होना
  • ज्यादा भूख लगना
  • धड़कन
  • चिंता करना
  • उभरी हुई आंखें

2. थायराइड नोड्यूल्स (Thyroid Nodules)

थायरॉइड नोड्यूल छोटे द्रव्यमान या अत्यधिक थायरॉइड ऊतक के नोड्यूल होते हैं जो थायरॉइड ग्रंथि पर बढ़ते हैं. वे आमतौर पर प्रकृति में सौम्य होते हैं लेकिन कभी-कभी कैंसर हो सकते हैं. लगभग 75 प्रतिशत लोगों में थायराइड नोड्यूल्स काफी सामान्य हो सकते हैं. हालांकि, इन नोड्यूल से अत्यधिक थायराइड ऊतक अत्यधिक थायराइड हार्मोन उत्पन्न कर सकता है, जिससे हाइपरथायरायडिज्म हो सकता है.

थायराइड नोड्यूल्स (Thyroid Nodules) के लक्षण

  • घबराहट / चिंता
  • चिड़चिड़ापन
  • वजन घटना
  • बढ़ी हुई भूख

3. थायराइड कैंसर (Thyroid Cancer)

थायराइड कैंसर भी थायराइड हार्मोन के अत्यधिक उत्पादन के कारणों में से एक है. सामान्य आबादी के लगभग 1.2 प्रतिशत में थायराइड कैंसर का प्रसार होने का अनुमान लगाया गया है. साथ ही, पुरुषों की तुलना में महिलाओं में थायराइड कैंसर होने की संभावना तीन गुना अधिक होती है.

थायराइड कैंसर (Thyroid Cancer) के लक्षण

  • गले में गांठ
  • आवाज कर्कशता
  • हाइपरथायरायडिज्म के सामान्य लक्षण

हाइपोथायरायडिज्म (hypothyroidism) से होने वाले रोग और उसके लक्षण – Thyroid ke lakshan

1. हाशिमोटो का थायरॉयडिटिस (Hashimoto’s thyroiditis)

हाशिमोटो का थायरॉयडिटिस दुनिया में हाइपोथायरायडिज्म के सबसे आम कारणों में से एक है. ग्रेव्स रोग की तरह, हाशिमोटो का थायराइडटिस एक ऑटोइम्यून बीमारी है जहां शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली स्वस्थ थायरॉयड ऊतक पर हमला करना शुरू कर देती है. यह थायराइड हार्मोन के उत्पादन को बहुत प्रभावित करता है, जिससे हाइपोथायरायडिज्म होता है. हाशिमोटो का थायरॉयडिटिस महिलाओं में पुरुषों के अनुपात में 7: 1 होने के साथ अधिक आम है.

हाशिमोटो का थायरॉयडिटिस (Hashimoto’s thyroiditis) के लक्षण

  • भार बढ़ना
  • भूख में कमी
  • थकान
  • ठंड के प्रति संवेदनशीलता
  • मासिक धर्म में वृद्धि

थायरॉइड रोग होने के कुछ मुख्य कारण – Thyroid ke karan

  • अत्याधिक तनाव रहना, इससे थायरॉइड हार्मोन सक्रिय हो जाता है.
  • दैनिक आहार में आयोडीन की मात्रा कम या ज्यादा होने पर भी यह रोग हो सकता है.
  • महिलाओं में गर्भावस्था की इस्तिथि में थायरॉइड हार्मोन्स को सक्रिय होते देखा गया है. गर्भावस्था की इस्तिथि में हार्मोनल में बहोत बदलाव होते है.
  • थायरॉइड ग्रंथि में सूजन आने से भी यह हो सकता है.
  • यह बीमारी घेंघा रोग के कारण भी हो सकती है
  • कुछ अध्ययन में इस रोग को पीढ़ी दर पीढ़ी भी देखा गया है.
  • विटामिन बी12 से भी यह हाइपोथायरायडिज्म हो सकता है.

थायरॉइड रोग के लिए कुछ घरेलू उपचार – Thyroid ke Gharelu Upchar

  1. थायराइड का रामबाण इलाज यही है की रोज रात में सोते समय एक चम्मच अश्वगंधा का चूर्ण गाय के दूध के साथ गुनगुना कर के ले.
  2. अश्वगंधा की पत्तियों या जड़ पानी में उबालकर में उबालकर ले.अश्वगंधा शरीर में हो रही हार्मोन्स प्रक्रिया को ढीक करता है.
  3. चम्मच ऐलोवेरा का जूस को तुलसी के रस के साथ मिलकर रोज सेवन करे, इससे थायरॉइड रोग को बढ़ावा नहीं मिलता और धीरे धीरे थायरॉइड रोग ढीक हो जाता है.
  4. और एक थायराइड का रामबाण इलाज यह है की हरा धनिया पीसकर थोड़े से पानी में मिलकर ले.
  5. त्रिफला चूर्ण का सेवन करे ये थायरॉइड रोग के साथ साथ बाकि बहोत से बीमारियों को ढीक करता है.
  6. बिना कुछ खाये खाली पेट लौकी का जूस पिए, इससे थायराइड रोग में बहोत लाभ मिलता है.
  7. अलसी के चूर्ण उपयोग करे.

थायरॉइड के दौरान क्या खाना चाहिए

  • फलों एवं सब्जियों का उपयोग करे.
  • थायरॉइड रोग को नियंत्रित या नहीं होने देने के लिए कम वसा वाले आहार का सेवन करें
  • मिनरल्स और विटामिन का नियमित सेवन करे.
  • शरीर में आयोडीन की कमी ना होने दे.
  • काजू, बादाम जैसे आहार का सेवन करे.
  • दूध और दही का भी सेवन करना चाहिए.
  • विटामिन-ए का अधिक सेवन करें, विटामिन-ए के लिए गाजर सबसे उपयुक्त है.
  • विटामिन्स, प्रोटीन और फाइबर युक्त चीजों का इस्तमाल करे.

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या थायराइड में चावल नहीं खाना चाहिए?
थायराइड में चावल नहीं खाना चाहिए, चावल में वसा की मात्रा बहोत अधिक होती है. अधिक वसा थायराइड बीमारी को न्योता देता है और उसके साथ साथ मोटापा भी बढ़ाता है जो शरीर के लिए बहोत हानिकारक है.

थायराइड से क्या नुकसान होता है?
थायराइड से शरीर में बहोत सरे बदलाव होते है, मोठे लोगो का वजन नहीं घटना, पतले लोगो का वजन नहीं बढ़ता है, चिड़चिड़ा होना, किसी भी काम में मान नहीं लगना, थायराइड से कैंसर भी हो सकता है.

थायराइड का रामबाण इलाज
थायराइड का रामबाण इलाज यही है की रोज रात में सोते समय एक चम्मच अश्वगंधा का चूर्ण गाय के दूध के साथ गुनगुना कर के ले. और नियमित योगासन से थायराइड में बहुत रहत मिलती है.

 

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