स्वास्थ्य

खाज खुजली की घरेलू दवा और जानकारी – Khaj khujali ka ilaaj

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दाद खाज खुजली की घरेलू आयुर्वेदिक दवा और जानकारी – खाज-खुजली एक संक्रामक रोग है, इसे कभी हल्का नहीं लेना चाहिए, नहीं तो ये धिरे धिरे पुरे शरीर में मिल जाता है. खाज खुजली में त्वचा पर छोटी-छोटी फुन्सियां निकलती हैं और उस में से पानी भी निकलता है. यह शरीर के किसी भी हिस्से में हो सकती हैं. कभी-कभी पेट साफ न होने से, कब्ज रहने से तथा खून में अशुद्धि होने से भी ये खूजली पैदा होती है. एक-दूसरे के कपड़े पहनने से भी यह रोग बढ़ता है. खुजली की तकलीफ रात के समय अधिक होती है.

खाज खुजली त्वचा की ऊपरी परत पर होता है और ये एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में बड़ी ही आसानी से भी फैल सकता है.

दाद व खाज खुजली दोनों अलग अलग रोग है दाद एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में बड़ी ही आसानी से फैल सकता है. यह एक परतदार त्वचा पर गोल और लाल चकत्ते के रूप में दिखाई देता है और इसमें खुजली एवं जलन होती हैं.

खाज खुजली के बहोत से प्रकार होते है, अगर दाद, खाज खुजली कुछ ज्यादा अधिक समय के लिया शरीर या त्वचा पर हो तो वो विकार बन जाती है व बहोत मुश्किल से ठीक होती है. दाद, खाज खुजली का समय रहते ही इलाज करना बहोत ठीक रहता है और आने वाले विकार व उस रोग से भी मुक्ति मिलती है.

खाज-खुजली होने के कुछ मुख्य कारण (khaj khujali ke karan hindi)

  • अगर खाज-खुजली ज्यादा दिन तक हो तो खून में कुछ अशुद्धि हो सकती है.
  • पेट साफ न होने व हमेशा कब्ज रहना से खाज-खुजली हो सकती है.
  • एक-दूसरे के कपड़े पहनने से भी खाज-खुजली हो सकती है.
  • ज्यादा देर धूप या पसीने में काम करने से भी खाज-खुजली हो सकती है.
  • किसी चीज से एलर्जी होने से भी खाज-खुजली हो सकती है.
  • ज्यादा समय एक जगह पर बैठने से भी यह रोग हो सकता है.

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खाज-खुजली के कुछ घरेलू व आयुर्वेदिक उपाय (Khaj khujali ke gharelu upay)

1. नारियल के तेल में थोड़ा सा कपूर मिलाकर गरम करें और खुजली वाले स्थान पर लगायें.
2. नींबू के रस में पके हुये केले को मिलाकर खुजली वाले स्थान पर लगायें.
3. नारियल के तेल में आँवले की गुठली की राख मिलाकर लगायें तुरंत आराम मितला है.
4. अजवायन का तेल खाज-खुजली पर लगाने से भी आराम मिलाता है.
5. सरसों के तेल में नीम की छाल तथा चाल मोगरा दोनों को पकायें और उससे मालिश करें.
6. भूने हुये सुहागे को पानी में मिलाकर लगाने से खुजली में तुरंत आराम मिलता है.
7.देशी गाय के गोबर-गोमूत्र का खाज-खुजली पर लेप करने से बहुत जल्दी आराम मिलता है.
8.तिल के तेल में हल्दी को मिलाकर लगाने से चर्म रोग नहीं होता.
9.सरसों के तेल में लहसुन को गरम करके तथा उसमें थोड़ी सी हल्दी मिलाकर तेल ठंडा होने पर मालिश करें.
10.गाय के घी में कुछ लहसुन मिलाकर गरम करें और ठंडा होने पर मालिश करें.
11.नींबू के रस और सूखे सिघांडे के पावडर को मिलाकर लगाने से चर्म रोगों में आराम मिलता है.

खाज खुजली मे हमें इन बातों का ध्यान ज़रूर रखना चहिये

  • खाज खुजली वाले स्थान को ना खुजाएँ, इसे हमारी चमड़ी और छील जाती है तथा खुजली और ज्यादा फैलने लगती है.
  • संक्रमित व्यक्ति का कोई भी वस्त्र या सामान इस्तेमाल ना करें
  • अपने पेट को हमेशा साफ़ रखें इसे आपको बहोत से बीमारियों से लाभ मिलता है
  • हरी सब्जिया तथा बिना तेल मसाला का खाना खाने की कोशिश करें
  • रोजाना वाले सबहुन का इस्तमाल ना करे.
  • अगर आपको सबहुन का इस्तमाल करना है तो हल्दी, नीम, तुलसी, गिलोय, घृतकुमारी, आवला ऐसी आयुर्वेदिक सबहुन का इस्तमाल करे.
  • अगर खाज खुजली ज्यादा समय के लिया रहती है तो रक्त जांच करे और डॉक्टर का परामर्श ले.

खाज खुजली के कुछ मुख्य प्रकार

  1. एक्जिमा
  2. त्वचा की एलर्जी
  3. सोरायसिस
  4. पित्ती
  5. हीट रैश
  6. संक्रमण
खाज खुजली के बहोत से प्रकार होते है, अगर दाद, खाज खुजली कुछ ज्यादा अधिक समय के लिया शरीर या त्वचा पर हो तो वो विकार बन जाती है व बहोत मुश्किल से ढीक होती है. दाद, खाज खुजली का समय रहते ही इलाज करना बहोत ढीक रहता है और आने वाले विकार व उस रोग से भी मुक्ति मुलती है

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