स्वास्थ्य

माइग्रेन के लक्षण और घरेलू उपाय

Migraine Symptoms and Home Remedies Hindi

माइग्रेन के लक्षण और घरेलू उपाय – माइग्रेन एक न्यूरोलॉजिकल स्थिति है जिसके कई लक्षण है. लक्षणों में उल्टी, झुनझुनी आना, प्रकाश और ध्वनि से परेशानी होना व बोलने में कठिनाई होना आदि हो सकते है. माइग्रेन बचपन में शुरू हो सकता या वयस्क होने पर भी हो सकता है. पुरुषों की तुलना में महिलाओं को माइग्रेन होने की संभावना अधिक होती है.

माइग्रेन का दर्द अधिकाशं दिन में ही होता है. यह अत्यधिक मानसिक श्रम, पेट में वायु के बने रहने से शरीर में धातु दोष होने से होता है. मायग्रेन का रोग सिर के आधे हिस्से में ही होता है और काफी तेज दर्द होता है और रोगी बेचैन हो जाता है.

माइग्रेन क्यों होता है, कुछ मुख्य कारण

  • तेज प्रकाश
  • मौसम में अधिक गर्मी होना
  • शरीर में पानी की कमी होना (Dehydration)
  • हवा का तेज दबाव होना (Changes in barometric pressure)
  • महिलाओं में हार्मोन परिवर्तन होना जैसे कि मासिक धर्म , गर्भावस्था
  • अत्यधिक तनाव होना
  • तेज आवाज सुनने से भी माइग्रेन हो सकता है
  • अधिक परिश्रम करना
  • समय पर भोजन न करना
  • नींद के पैटर्न में बदलाव होना
  • अधिक धूम्रपान करना
  • शराब का उपयोग अधिक करना

माइग्रेन के महत्वपुर्ण लक्षण

  • सिर में दर्द होना.
  • यह दर्द सिर के आधे हिस्से या पुरे हिस्से में हो सकता है.
  • सिर में दर्द के साथ चिड़चिड़ापन होना.
  • भोजन करने की इच्छा न होना.
  • चेहरे,हाथ, या पैरों में चुभन या झुनझुनी सनसनी महसूस करना.
  • प्रकाश और ध्वनि से चिड़चिड़ाहट होना.
  • जी मिचलाना.
  • उल्टी होना.

माइग्रेन के घरेलू उपचार और इलाज

  1. छोटी पिपलि का चूर्ण बनाकर शहद के साथ लेने से लाभ होता.
  2. मेहंदी की पत्तियों को पीसकर माथे पर लेप लगाने से दर्द में तुरंत आराम मिलता है.
  3. तुलसी का पाउडर बनाएं और शहद के साथ ले तुरंत आराम मिलता है.
  4. दर्द के दौरान नाक में सरसों का तेल डालकर ऊपर की ओर खीचने से दर्द में काफी राहत मिलती है.
  5. देशी गाय का घी नाक के नथुनों में डालने से भी आराम मिलता है.
  6. तंबाकु के पत्ते और लौंग को पीसकर गरम करके लेप लगाए.
  7. लौंग, हींग और लहसुन तीनों का चूर्ण बनाकर तेल में पकायें और वह तेल नाक में सुबह-शाम डालें.
  8. त्रिफला, हल्दी और निंबू की छाल को बराबर मात्रा में लेकर काढ़ा बनायें और रोगी को पिलायें.
  9. सुखा धनिया, बेलपत्रा और आँवले के चूर्ण को गुलाब जल में मिलाकर लेप बनायें और माथे पर लगायें.
  10. माइग्रेन के दर्द में नारियल के पानी की कुछ बूंदे नाक में उस और डालनी चाहिये जिस तरफ दर्द हो रहा हो.

माइग्रेन से राहत के लिए कुछ योग

1. भ्रामरी प्राणायाम

यह व्यायाम चिंता व निराशा को जल्दी से दूर करने में मदद करता है जो की माइग्रेन का मुख्य कारण है.

 प्राणायाम करने का तरीका

  • अपनी आँखों को बंद कर ले और एक आरामदायक आसन में बैठ जाये.
  • गाल और कान के बीच तर्जनी ऊँगली को रखे.
  • गहरी साँस लें और साँस को छोड़ते हुआ कान पर दबाव डालें और मधुमक्खी की तरह तेज़ आवाज़ करें.
  • इस प्रकिरिया को 10 बार करे.

भ्रामरी प्राणायाम माइग्रेन के लिए योग

2. वेव ब्रीथ

यह आसन आपको तनाव तथा मन को केंद्रित करने में बहोत मदद करता है इस आसन में आपको शांत रहके आराम से श्वास पर काबू पाना होता है.

प्राणायाम करने का तरीका

  • इस आसन को आराम दायक सीट पर करो.
  • एक हाथ अपनी जांघ पर और दूसरा अपने पेट के ऊपर रखें.
  • अपनी नाक के माध्यम से एक धीमी सांस लेना शुरू करें पहले साँस अपने पेट में भरें और फिर साँस को कुछ क्षण के लिए रोके.
  • साँस को धीरे-धीरे पुरे सरीर से छोड़े.
  • इस प्रकिरिया को 10 बार करे.

वेव ब्रीथ माइग्रेन के लिए योग

3. भ्रूण की मुद्रा

यह आसन शरीर को परजीवी अवस्था को बढ़ाने में मदद करता है तथा तनाव और माइग्रेन को काम करने में मदत करता है.

प्राणायाम करने का तरीका

  • अपने हाथो को घुटनों के बाजु में व चूतड़ को ऊपर की और रखे.
  • अपने पैरों को एक साथ लाएं फिर अपने कूल्हों से अपनी एड़ी पर बैठें.
  • जांघों को अपनी छाती पर लगाए और माथे को अपनी चटाई पर रक ले.
  • अपनी आँखें बंद करके धीमी गति से साँस लें और साँस छोड़ें.
  • इस प्रकिरिया को 5 बार करे.

भ्रूण की मुद्रा माइग्रेन के लिए योग

माइग्रेन से जुडे कुछ सवाल

माइग्रेन क्या होता है? 
माइग्रेन एक न्यूरोलॉजिकल स्थिति है, माइग्रेन एक रोग है जिसने रोगी को सर में दर्द होता है, वह दर्द या तो पुरे सिर या तो आधे सर में होता है.

माइग्रेन को कैसे ठिक करे? 
इस पोस्ट में हमने कुछ आयुर्वेदिक नुस्के दिए है कृपया ऊपर दिए गया नुस्के डॉक्टर के परामर्श से ले.

माइग्रेन की पहचान ? 
सिर में दर्द होना यह दर्द सिर के आधे हिस्से या पुरे हिस्से में हो सकता है.
सिर में दर्द के साथ चिड़चिड़ापन होना
भोजन करने की इच्छा न होना
प्रकाश और ध्वनि से चिड़चिड़ाहट होना
जी मिचलाना
उल्टी होना

माइग्रेन होने के कारण? 
तेज प्रकाश
मौसम में अधिक गर्मी होना
शरीर में पानीकी कमी होना (dehydration)
महिलाओं में हार्मोन परिवर्तन होना जैसे कि मासिक धर्म , गर्भावस्था
समय पर भोजन न करना
नींद के पैटर्न में बदलाव होना
अधिक धूम्रपान करना
शराब का उपयोग अधिक करना

One Comment

  1. यह बिमारी का असल मे एक है उपचार है. और वो है योगा !

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