स्वास्थ्य

ओमिक्रॉन (Omicron) क्या है जानकारी – Omicron hindi meaning

Omicron new Corona Variant Hindi - कोरोना वायरस का नया वेरिएंट

ओमिक्रॉन Omicron (कोरोना वायरस का नया वेरिएंट) – कोरोना वायरस से जहां अभी थोड़ी राहत मिली ही थी कि अभी इसका एक और वेरिएंट सामने आ गया है. जो पहले से भी ज्यादा घातक है. दुनिया के कुछ देशों में कोरोना का यह नया वेरिएंट ओमिक्रॉन सामने आया है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इस वेरिएंट को B.11.529 यानी ओमिक्रॉन नाम दिया है. कोरोना के इस नए वेरिएंट को लेकर वैज्ञानिकों का कहना है कि ये अब तक का सबसे घातक और संक्रामक वेरिएंट है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इस ओमिक्रोन वेरिएंट में करीब 32 म्यूटेशन देखे गए है, जिसके कारण WHO की चिंता और अधिक हो गयी है.

सबसे पहले दक्षिण अफ्रीका के वेज्ञानिको ने अपने देश मे इस नए वेरिएंट के होने की पुष्टि की थी. बाद में इस्राइल ओर बेल्जियम में भी यह नया वेरिएंट पाया गया. इसके अलावा बोस्तवाना ओर हांगकांग ने भी अपने यहां इस वेरिएंट के होने की पुष्टि की है. वैज्ञानिक अध्यन में इस बात का खुलासा हुआ है कि ओमिक्रॉन (Omicron) वेरिएंट, डेलटा वेरिएंट से भी घातक है. सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि जो लोग कोविड टीकाकरण की दोनों डोज़ ले चुके है, वे भी इसकी चपेट में आ सकते हैं.

कोरोना वायरस के नए वेरिएंट ओमीक्रोन ने, कोरोना जैसी महामारी से जूझ रही दुनिया की चिंता को ओर बढ़ा दिया है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भी इसे चिंताजनक बताया है. इस वेरिएंट को इतना खतरनाक बताया जा रहा है कि इसे कोरोना के डेल्टा वेरिएंट से भी तेज़ फैलने वाला बताया जा रहा है.

ओमिक्रॉन वेरिएंट के कुछ लक्षण – Omicron ke lakshan Hindi

● कुछ चिकित्सकीय जानकारों का इस वेरिएंट के लक्षणों को लेकर यह कहना है कि इसमें लोगों को बेचेनी ओर उल्टी की दिक्कतें होती है कर कभी-कभी नाड़ी की गति भी बढ़ जाती है किन्तु स्वाद और गंध का अनुभव बना रहता है.

● दक्षकन अफ्रीका में कोरोना वायरस के इस नए वेरिएंट की चपेट में आये लोगों का इलाज कर रहे कुछ डॉक्टर्स ने ये भी कहा है कि इसके लक्षण बहुत मामूली होते हैं और इसका इलाज घर पर ही संभव हो सकता है. एक रिपोर्ट के मुताबिक, दक्षिण अफ्रीका मेडिकल एसोसिशन की प्रमुख डॉ. एंजेलिक कोएट्जी ने बताया कि डेल्टा वेरिएंट से अलग जिन मरीज़ों का इलाज उन्होंने अभी किया है, उनमे गंध, स्वाद यही आने या ऑक्सीजन का स्तर कम होने जैसी शिकायते नहीं पाई गई है। उन्होंने अपने चिकत्स्कीय अनुभव से ये भी बताया कि ये वेरिएंट 40 साल या इससे कम उम्र के लोगों को अपनी चपेट में ले रहा है.

● उन्होंने ये भी बताया कि जो मरीज़ उनके सामने आए उनमें बहुत अधिक थकान जैसी शिकायते देखने को मिली. इसके साथ ही उन मरीज़ों में सिर दर्द और बदन दर्द जैसी शिकायते भी देखने को मिली. उन्हकने अपने क्लिनिक में कुछ मरीज़ ऐसे देखे जिनके लक्षण डेल्टा वेरिएंट के मरीज़ों से कुछ अलग थे. इन मरोज़ो में वायरल बुखार के तो मामूली लकसहन थे लेकिन बदन दर्द और सिर दर्द की शिकायतें उनमें ज़्यादा थी. जिसके बाद उन्हें ये एहसास हुआ कि ये कुछ अलग है.

मॉर्डना के सीईओ स्टीफन बैंसेल के अनुसार कोरोना वायरस का नया वेरिएंट ओमीक्रोन, कोविड-19 के वेक्सीन को भी मात दे सकता है. उन्होंने ये भी बताया कज कोविड वेक्सीन, कोरोना के डेल्टा वायरस के खिलाफ जितना कारगर है, उतना ओमीक्रोन पर नहीं रहेगी. स्टीफन बैंसेल ने नए वेरिएंट ओमीक्रोन को लेकर एक बड़े खतरे का अंदेशा बजी जताया है. उनके अनुसार इस वेरिएंट स्व अस्पतालों में भारतक बोन वाले मरीज़ों की संख्या में भी इजाफा होगा. उन्होंने कहा कि महामारी के लिहाज से ये अच्छा संकेत नहीं है क्योंकि इस नए वेरिएंट से बचने के लिए वेक्सीन ब कर आने में महीनों लग सकते हैं. बैंसेल के इस बयान के बाद वेक्सीन बनाने वाली कंपनी भारत बॉयोटेक ने कहा कि वह इस बात की स्टडी कर रही है कि उसका टीका ओमीक्रोन वेरिएंट पर असरदासर रहेगा या नहीं. कंपनी ने कहा मज हमारी वेक्सीन वुहान में मिले मूल वेरिएंट पर आधारित है. अभी तक यह बाकी वेरिएंट के मामले में असरदार रही है. नए वेरिएंट पर भी इसकी जांच की जा रही है.

प्रतिष्ठित पत्रिका “द नेचर” में प्रकाशित एक लेख में कहा गया है कि दक्षिण अफ्रीका में जिन लोगों को ओमीक्रोन का संक्रमण हुआ है, उनमें से कुछ लोगों ने “जॉनसन एंड जॉनसन”, कुछ ने “फाइजर-बायोटेक” और कुछ ने ऑक्सफोर्ड-एस्ट्रेजनेका (कोवीशिल्ड) वैक्सीन की डोज़ ले रखी थी. यानी ओमीक्रोन ने इन तीनो वैक्सीन भेदने में सफलता हासिल कर ली है। यह चिंता का विषय है. मशहूर विषाणु विज्ञानी शाहिद जमील के एक लेख में इसका जवाब यह दिया गया कि, यह सच है कि ओमीक्रोन, वैक्सीन के व्यूह को भेदने में सफल हो रहा है लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि वैक्सीन बिल्कुल अनुपयोगी हो गया है.

जहां तक कोविड-19 के।मरीज़ों के इलाज की बात है तो डब्ल्यूएचओ का कहना है कि 2 सालों में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों के इलाज के जो भी तरीके इजाद किए गए हैं, उन्हें ओमीक्रोन मरीजों के लिए भी उपयोगी साबित होना चाहिए.

कोरोना वायरस के नए वेरिएंट के नाम यूनानी वर्णमाला के अक्षरों के क्रम पर रखा जा रहा है. ओमीक्रोन इस वर्णमाला का 15वा अक्षर है. इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि कोरोना वायरस ने 1 साल में कितने सारे रूप बदल दिए हैं और उसके म्यूटेशन की रफ्तार कितनी तेज है. इसका पहला वैरीअंट “अल्फा” लगभग 2020 में मिला था, जबकि साल भर बाद ही 2021 में ओमीक्रोन वेरिएंट आ गया. यूनानी वर्णमाला का तेरवा अक्षर “नू” और “शी” जिनके नाम पर कोरोना के वेरिएंट्स के नाम नहीं रखे गए हैं. कोरोना वायरस के मिले अब तक 13 बड़े वेरिएंट्स में 5 को ही “वेरिएंट ऑफ कंसर्न” की श्रेणी में रखा गया है. इसमें ओमीक्रोन भी शामिल है. इस श्रेणी के वेरिएंट कोविड-19 ने महामारी को भयावह रूप देखकर जबरदस्त तबाही मचाई है. बाकी आठ को “वैरीअंट ऑफ इंटरेस्ट” की श्रेणी में रखा गया है. मतलब ये वेरिएंट्स इतने ज्यादा खतरनाक नहीं है.

1 साल के लंबे समय के बाद ओमीक्रोन के बहुत से म्यूटेशन सामने आए हैं. यही वजह है कि अब तक इसके 50 म्यूटेशंस का पता चल चुका है. जबकि भारत में कोरोना की दूसरी लहर में तबाही मचाने वाले डेल्टा वेरिएंट में इसके आधे म्यूटेशन ही मिले थे. ओमनीक्रोन के 50 म्यूटेशनओं में 32 स्पाइक प्रोटीन में पाए गए हैं, जो डेल्टा में 10 है. यह चिंता बढ़ाने वाली बात है. क्योंकि ज्यादातर मौजूद कोरोना वैक्सीन भी इन वायरस की पहचान स्पाइक प्रोटीन के जरिए ही करती है. अब जब स्पाईक प्रोटीन में ही म्यूटेशन आ गया है तो वैक्सीन को वायरस की पहचान करने में मुश्किल पैदा होगी. यही वजह है कि ओमीक्रोन के कोरोना वैक्सीन को भी बहुत हद तक निष्प्रभावी करने की बातें की जा रही है. एक और चिंता की बात यह है कि स्पाइक प्रोटीन के उस हिस्से में भी ओमीक्रोन के 10 म्यूटेशन पाए गए हैं.

ओमीक्रोन ने इतने म्यूटेशन कर लिए हैं कि इसने संक्रमण फैलाने की रफ्तार के मामले में अब तक सभी वेरिएंट ऑफ कंसर्न की श्रेणी वाले वेरिएंट को पीछे छोड़ दिया है. मशहूर विषाणु विज्ञानी शाहिद जमील ने “द टाइम्स ऑफ इंडिया” में लिखे अपने एक लेख में कहा था, “ओमीक्रोन ने सेल में प्रवेश दिलाने वाले स्पाइक प्रोटीन के हिस्से में भी काफी म्यूटेशन कर लिए हैं. इंसानी ऊतकों में वायरस जितना आसानी से प्रवेश करेगा, उतनी ज्यादा उसकी संख्या बढ़ेगी और उतनी ज्यादा रफ्तार से दूसरे लोगों को संक्रमित भी कर पाएगा.

डब्ल्यूएचओ ने भी यही कहा है कि ओमीक्रोन ज्यादा संक्रामक है और इसके गंभीर नतीजे देखने को मिल सकते हैं. डेल्टा के मुकाबले यह संभवत: काफी तेजी से फैलता है. लेकिन यह अन्य वेरिएंट्स ऑफ कंसर्न के मुकाबले कितना जानलेवा साबित होगा यह अभी तक पक्के तौर पर नहीं कहा जा सकता. दक्षिण अफ्रीका में सरकार को इस वेरिएंट के प्रति सतर्क करने वाली डॉ. एंजेलिक कोएट्जी ने कहा कि ओमीक्रोन से संक्रमित मरीजों में बीमारियों के मध्यम लक्षण दिखते हैं. उन्होंने बताया कि ओमीक्रोन संक्रमित मरीज को पहले बहुत थकान थी, उसके शरीर और सिर में दर्द था, उसने के गले में खराश तो थी लेकिन कफ की समस्या नहीं थी, सूंघने और स्वाद की क्षमता भी उसमें मौजूद थी. डॉ. कोइटजी ने बताया कि उस मरीज का पूरा परिवार संक्रमित निकला और सभी में मध्यम लक्षण ही देखने को मिले.

ओमिक्रॉन (Omicron) से कैसे बचे – Omicron se kaise bache hindi

ओमिक्रॉन से बचने के लिए आप को कुछ अलग नही करना है, जैसे आप ने Covid के समय खबरदारी ली थी वैसे हे इसका हाल है

  • पहले तो आप को वैक्सीन लेनी है और वो भी दोनों डोस
  • हमेशा मास्क पहने
  • लोगो से दूर रहे
  • निम्बू पानी ज्यादा पी ले
  • शक्तिवर्धक पदार्थ जैसे दूध, हल्दी और मांसाहार का सेवन करे

पूरी जानकारी WHO की वेबसाइट पे पढ़ सकते है – WHO

 

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